GSTR 3B Filing: नए नियम आ गए हैं — अगर यह गलतियाँ कीं तो नोटिस पक्का आएगा

अगर आप हर महीने GST Return भरते हैं तो आपके लिए एक बहुत जरूरी खबर है। GSTR 3B Filing के तरीके में काफी बड़े बदलाव हो चुके हैं। अब यह फॉर्म पहले जैसा नहीं रहा जहाँ आप कुछ भी बदल सकते थे। कई Tables अब Lock हो चुकी हैं और नए नियमों के तहत गलती करने पर सीधे Interest और Penalty लग सकती है।

बहुत से कारोबारी अभी भी पुराने तरीके से GSTR 3B भर रहे हैं और बाद में नोटिस मिलने पर परेशान होते हैं। इस आर्टिकल में आपको पूरी जानकारी मिलेगी कि नए नियम क्या हैं, ITC कैसे Claim करें, Interest की गणना कैसे होगी और Step by Step filing कैसे करें।

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GSTR 3B Filing से पहले यह जरूरी काम करें

पहले GSTR 1 Download करें

GSTR 3B भरने से पहले आपको अपनी GSTR 1 जरूर Download करनी चाहिए। क्योंकि GSTR 1 में जो भी B2B और B2C का डेटा आपने भरा है वही अपने आप GSTR 3B में Pre-Populate हो जाता है। इसे पहले से देख लेने से बाद में कोई भ्रम नहीं होता।

GSTR 2B Generate होने का इंतजार करें

GSTR 3B तभी File करें जब आपकी GSTR 2B Generate हो चुकी हो। GSTR 2B हर महीने की 14 तारीख को automatically बनती है। इसके बिना GSTR 3B File नहीं करनी चाहिए क्योंकि ITC का पूरा हिसाब GSTR 2B से ही आता है।

Nil Return है तो सीधे File करें

अगर उस महीने आपका कोई Transaction नहीं हुआ है तो बिना कुछ भरे सीधे Nil Return File कर सकते हैं।


GSTR 3B में क्या-क्या बदल गया है

Table 3.1 और 3.2 अब Lock हैं

यह सबसे बड़ा बदलाव है जो हुआ है। पहले आप GSTR 3B के अंदर Outward Supply का डेटा मैनुअली बदल सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। July Tax Period से Table 3.1 और Table 3.2 पूरी तरह Lock हो चुकी हैं।

इन Tables में वही डेटा दिखेगा जो आपने GSTR 1 या GSTR 1A में भरा है। अब आप इसे GSTR 3B के अंदर बदल नहीं सकते।

गलती हो गई तो क्या करें

अगर GSTR 1 में कोई गलती हो गई है और GSTR 3B अभी File नहीं हुई है तो GSTR 1A File करें। GSTR 1A File करने के बाद सही डेटा GSTR 3B में अपने आप आ जाएगा। लेकिन अगर GSTR 3B पहले ही File हो चुकी है तो अगले महीने की GSTR 1 में सुधार करना होगा।


ITC यानी Input Tax Credit कैसे Claim करें

IMS Dashboard से Invoice Check करें

अब ITC Claim करने के लिए Invoice Management System यानी IMS का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। GST Portal पर Services के अंदर IMS में जाएँ। वहाँ आपके सभी Suppliers के Invoice दिखेंगे जो उन्होंने अपनी GSTR 1 में डाले हैं।

हर Invoice पर तीन विकल्प होते हैं।

Accept करें अगर Invoice सही है और आप ITC लेना चाहते हैं। Reject करें अगर Invoice गलत है या आपसे संबंधित नहीं है। Pending रखें अगर अभी तय नहीं कर पाए हैं। लेकिन Pending केवल एक Tax Period तक रख सकते हैं।

GSTR 2B से मिलान करें

IMS में Action लेने के बाद GSTR 2B Generate होती है। इसे Download करके अपने Purchase Register से मिलान करें। GSTR 3B में ITC वही दिखेगा जो GSTR 2B में है। अगर कोई Invoice GSTR 2B में नहीं है तो IMS में जाकर उसे Accept करें और GSTR 2B को फिर से Generate करें।

ITC Reversal भी यहीं होता है

अगर कोई ITC Reverse करनी है तो उसके लिए अलग Column दिए गए हैं। GSTR 3B में Table 4 के नीचे Reversal का Section आता है। सब Review करने के बाद Confirm करें।


Table 5.1 — Interest की गणना अब Automatic होगी

नया नियम क्या है

अगर आपने GSTR 3B देर से File की है या Tax देर से जमा किया है तो Interest अब System खुद Calculate करेगा। यह Interest Table 5.1 में दिखेगा।

Cash Ledger को ध्यान में रखा जाएगा

अब Interest की गणना करते वक्त आपके Electronic Cash Ledger में जो Minimum Balance था वह घटाया जाएगा। यानी अगर आपके Cash Ledger में पहले से कुछ Balance पड़ा हुआ था तो उतने पर Interest नहीं लगेगा। यह करदाताओं को बड़ी राहत देने वाला बदलाव है।

Interest घटा नहीं सकते

ध्यान रखें कि System जो Interest दिखाए उसे आप घटा नहीं सकते। वह Minimum Interest है जो देना जरूरी है। अगर आपकी असली देनदारी उससे ज्यादा है तो आप बढ़ा सकते हैं।


Table 6.1 — ITC Utilization का नया तरीका

पहले क्या होता था

पहले CGST और SGST का Balance होते हुए भी कई बार IGST चुकाने के लिए जेब से पैसा देना पड़ता था। यह करदाताओं के लिए बड़ी परेशानी थी।

अब क्या बदल गया

अब नया नियम यह है कि पहले Available IGST ITC पूरी तरह Use होगी। उसके बाद अगर फिर भी IGST बाकी है तो आप CGST और SGST ITC किसी भी क्रम में लगा सकते हैं। यह Flexibility अब GSTR 3B के Table 6.1 में manually करने की सुविधा दी गई है।

इससे Forced Cash Payment की जरूरत खत्म हो गई है और Cash Flow बेहतर होगा।


GSTR 3B File करने का Step by Step तरीका

Step 1 — GST Portal पर Login करें

gst.gov.in पर जाएँ। GSTIN और Password से Login करें।

Step 2 — Return Dashboard पर जाएँ

Services में जाकर Returns पर Click करें। फिर Returns Dashboard पर जाएँ। Tax Period और Year चुनें।

Step 3 — GSTR 3B पर Click करें

GSTR 3B के सामने Prepare Online का Option चुनें।

Step 4 — Table 3.1 Review करें

Outward Supply का Pre-Populated डेटा देखें। यह Lock है इसलिए इसे देखकर Confirm करें।

Step 5 — Table 4 में ITC Check करें

GSTR 2B से आया ITC यहाँ दिखेगा। अपने Records से मिलान करें। ITC Reversal भी यहाँ करें।

Step 6 — Table 5.1 में Interest देखें

अगर Late Filing है तो Interest Auto-Calculate होकर आएगा। इसे ध्यान से देखें।

Step 7 — Save करें

सब कुछ Review करने के बाद Save GSTR 3B पर Click करें।

Step 8 — Proceed to Payment पर जाएँ

Table 6.1 में ITC Utilization और Cash Payment का Detail देखें। IGST पहले Settle होगा। बाकी के लिए CGST और SGST ITC लगाएँ। अगर Cash Ledger में Balance नहीं है तो UPI या Net Banking से Challan Generate करके Payment करें।

Step 9 — File करें

Make Payment and Post Credit to Ledger पर Click करें। फिर Proceed to File पर जाएँ। EVC या DSC से OTP Verify करें और Return Submit करें।


यह गलतियाँ बिल्कुल न करें

GSTR 1 में गलती और GSTR 3B पहले File कर देना

यह सबसे बड़ी गलती है। अगर GSTR 1 में कोई चूक हो गई है तो पहले GSTR 1A File करें तब GSTR 3B File करें।

IMS को Ignore करना

IMS में Invoice Check किए बिना GSTR 2B सही नहीं बनेगी और ITC गलत आएगा जिससे बाद में Mismatch Notice आ सकता है।

3 साल पुरानी Return न भरना

अब 3 साल से पुरानी Return File नहीं हो सकती। अगर कोई Pending Return है तो तुरंत File करें वरना वह हमेशा के लिए Lock हो जाएगी।

Late Filing को हल्के में लेना

GSTR 3B देर से File करने पर ₹50 प्रति दिन की Late Fee लगती है और Nil Return पर यह ₹20 प्रति दिन है। इसके अलावा Tax पर 18% सालाना Interest भी देना होगा।


निष्कर्ष

GSTR 3B Filing अब पहले से ज्यादा Strict और Automated हो चुकी है। Tables Lock हो चुकी हैं, Interest Automatic Calculate होती है और ITC के लिए IMS में Action जरूरी है। इन नए बदलावों को समझकर और सही तरीके से Filing करने पर आप Notice और Penalty से बच सकते हैं। हमेशा GSTR 1 पहले सही भरें, GSTR 2B से ITC मिलाएँ और समय पर GSTR 3B File करें।

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