अगर आप भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं और अपने खाते में ₹2000 की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत जरूरी है। देश भर के करोड़ों किसान इस समय यह जानना चाहते हैं कि 14वीं किस्त कब तक उनके खाते में आएगी और किन किसानों को इस बार पैसे नहीं मिलेंगे।
सरकार ने हाल ही में 13वीं किस्त जारी की थी और अब 14वीं किस्त को लेकर किसानों में बहुत उत्सुकता है क्योंकि इस बार कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बिल्कुल साफ और आसान भाषा में बताएंगे कि 14वीं किस्त कब आएगी, किन किसानों को पैसे मिलेंगे और किन किसानों के खाते में पैसे नहीं आएंगे। साथ ही हम यह भी बताएंगे कि अगर आपको किस्त नहीं मिली तो क्या करना चाहिए।
PM Kisan योजना कैसे काम करती है
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण योजना है जो 2019 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत देश के सभी छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक मदद दी जाती है। यह रकम किसानों को एक साथ नहीं मिलती बल्कि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है यानी हर चार महीने में ₹2000 की एक किस्त।
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यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजा जाता है ताकि बीच में कोई दलाल या भ्रष्टाचार न हो सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के लिए बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य जरूरी चीजें खरीदने में मदद करना है ताकि वे अपनी फसल अच्छे से उगा सकें। अब तक करोड़ों किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है और सरकार ने अब तक लाखों करोड़ रुपए किसानों के खाते में ट्रांसफर किए हैं।
14वीं किस्त कब आएगी खाते में
अगर बात करें 14वीं किस्त की तो सबसे पहले यह जान लीजिए कि 13वीं किस्त 27 फरवरी 2023 को जारी की गई थी। इसके बाद किसानों को 14वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार था। सरकारी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 14वीं किस्त जुलाई 2023 के आखिरी हफ्ते में आने की पूरी संभावना है। दरअसल यह किस्त अप्रैल से जुलाई 2023 की अवधि के लिए है इसलिए जुलाई के अंत तक इसका आना तय माना जा रहा है। कुछ खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद राजस्थान के सीकर जिले से 14वीं किस्त जारी कर सकते हैं और लगभग 8.5 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में एक साथ करीब 17 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। यह रकम देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह योजना कितनी बड़ी है और कितने किसानों को इसका फायदा मिल रहा है। लेकिन याद रखिए कि यह पैसा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने सभी जरूरी शर्तें पूरी की हैं।
किन किसानों को नहीं मिलेगी 14वीं किस्त
अब सबसे जरूरी बात यह है कि इस बार कुछ किसानों को 14वीं किस्त नहीं मिलेगी और इसके पीछे कई ठोस कारण हैं। सबसे पहली और सबसे बड़ी वजह है ई-केवाईसी का न होना। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों ने अपना ई-केवाईसी अपडेट नहीं करवाया है उन्हें किस्त का पैसा बिल्कुल नहीं मिलेगा। ई-केवाईसी करने के लिए आप PM Kisan की वेबसाइट पर जाकर अपने आधार कार्ड से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं या फिर नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक केवाईसी करवा सकते हैं। दूसरी बड़ी वजह है जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी।
अगर आपके भूलेख में कोई गलती है या जमीन का रिकॉर्ड सही से वेरिफाई नहीं है तो भी आपको किस्त नहीं मिलेगी। तीसरी वजह है कि अगर आप किसान तो हैं लेकिन किसी संवैधानिक पद पर काम करते हैं या सरकारी नौकरी में हैं तो आप इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल्स भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। सरकार ने हाल ही में 1 करोड़ से ज्यादा किसानों के नाम लिस्ट से हटा दिए हैं क्योंकि वे इन नियमों के तहत पात्र नहीं पाए गए।
अगर किस्त नहीं आई तो क्या करें
अगर आपने सारी शर्तें पूरी कर ली हैं और फिर भी आपके खाते में 14वीं किस्त नहीं आई है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सबसे पहले आप PM Kisan की ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाइए और ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘Beneficiary Status’ पर क्लिक कीजिए। यहां अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर आप अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।
अगर स्टेटस में कोई दिक्कत दिख रही है तो उसे तुरंत ठीक करवाइए। अगर फिर भी समस्या बनी रहती है तो आप PM Kisan हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800 11 55 26 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह हेल्पलाइन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह से शाम तक काम करती है। आप 011-24300606 नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा अपने नजदीकी कृषि विभाग के ऑफिस में जाकर भी अपनी समस्या बता सकते हैं। याद रखिए कि अगर आपका वेरिफिकेशन अधूरा है तो आपकी पिछली किस्तें भी रुकी हुई हो सकती हैं लेकिन जैसे ही वेरिफिकेशन पूरा होगा सारी किस्तों का पैसा एक साथ आपके खाते में आ जाएगा।
हर किस्त के साथ कितना पैसा मिला है अब तक
अगर आप जानना चाहते हैं कि पहली किस्त से लेकर अब तक किसानों को कितना पैसा मिल चुका है तो यह जानकारी भी बहुत दिलचस्प है। पहली किस्त 24 फरवरी 2019 को आई थी जब यह योजना शुरू हुई। उसके बाद दूसरी किस्त 2 मई 2019 को, तीसरी किस्त 1 नवंबर 2019 को, चौथी किस्त 4 अप्रैल 2020 को और पांचवीं किस्त 25 जून 2020 को जारी की गई। छठी किस्त 9 अगस्त 2020 को, सातवीं किस्त 25 दिसंबर 2020 को, आठवीं किस्त 14 मई 2021 को और नौवीं किस्त 10 अगस्त 2021 को आई।
इसके बाद दसवीं किस्त 1 जनवरी 2022 को, ग्यारहवीं किस्त 1 जून 2022 को, बारहवीं किस्त 17 अक्टूबर 2022 को और तेरहवीं किस्त 27 फरवरी 2023 को जारी हुई। इस तरह देखें तो लगभग हर 3 से 4 महीने में किसानों को नियमित रूप से ₹2000 मिलते रहे हैं। योजना शुरू होने के बाद से अब तक सरकार ने 2.42 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में भेज चुकी है। 14वीं किस्त के बाद यह आंकड़ा और बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच जाएगा।
अपना स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपको 14वीं किस्त मिलेगी या नहीं तो आप बहुत आसानी से अपना बेनिफिशियरी स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। सबसे पहले आपको PM Kisan की ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। होम पेज पर आपको दाईं तरफ ‘Farmers Corner’ का ऑप्शन दिखेगा। उस पर क्लिक करने के बाद आपको कई विकल्प मिलेंगे जिनमें से ‘Beneficiary Status’ पर क्लिक करना है।
अब एक नया पेज खुलेगा जहां आपसे आपका रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर या मोबाइल नंबर मांगा जाएगा। आप इनमें से कोई एक डालकर नीचे दिए गए ‘Get Data’ बटन पर क्लिक कर दीजिए। बस कुछ ही सेकंड में आपके सामने आपकी पूरी डिटेल्स आ जाएंगी जिसमें आप देख सकते हैं कि आपको अब तक कितनी किस्तें मिल चुकी हैं और अगली किस्त का स्टेटस क्या है। अगर आपको कोई दिक्कत दिख रही है तो तुरंत उसे ठीक करवाइए वरना आपकी किस्त रुक सकती है।
PM Kisan Samriddhi Kendra का बड़ा ऐलान
14वीं किस्त जारी करने के साथ ही सरकार ने एक और बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री मोदी 1.25 लाख PM Kisan Samriddhi Kendra देश को समर्पित करने वाले हैं। दरअसल सरकार देश भर में मौजूद खाद की रिटेल दुकानों को धीरे-धीरे PM Kisan Samriddhi Kendra में बदल रही है।
इन केंद्रों पर किसानों को सिर्फ खाद ही नहीं बल्कि बीज, कृषि उपकरण और दूसरी जरूरी चीजें भी मिलेंगी। इसके अलावा यहां मिट्टी की जांच, बीज की जांच और खाद की जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी इन केंद्रों पर दी जाएगी और समय-समय पर रिटेलर्स की ट्रेनिंग भी कराई जाएगी ताकि वे किसानों को बेहतर सेवा दे सकें। यह कदम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा क्योंकि उन्हें एक ही जगह पर सब कुछ मिल जाएगा और उन्हें अलग-अलग दुकानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
किस्त में देरी क्यों हो रही है
कई किसान यह सवाल पूछ रहे हैं कि अगर किस्त अप्रैल से जुलाई की है तो जुलाई के आखिरी हफ्ते तक देरी क्यों हुई। इसका जवाब है कि सरकार ने इस बार पहले से ज्यादा सख्ती से वेरिफिकेशन का काम किया है। दरअसल पिछली कुछ किस्तों में यह पाया गया कि कई ऐसे लोग भी इस योजना का फायदा उठा रहे थे जो असल में किसान नहीं थे या फिर जो इस योजना के पात्र नहीं थे।
कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर भी पैसे लेने की कोशिश की। इसलिए सरकार ने तय किया कि हर किसान का भूलेख वेरिफिकेशन किया जाए और ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी जाए। इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगा लेकिन इससे यह फायदा हुआ कि अब सिर्फ असली और पात्र किसानों को ही पैसा मिलेगा। करीब 1 करोड़ से ज्यादा ऐसे लोगों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए जो योजना के लिए पात्र नहीं थे। इससे सरकार का पैसा बचेगा और असली जरूरतमंद किसानों को फायदा मिलेगा।
Disclaimer: यह आर्टिकल किसानों को जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। सभी जानकारी विश्वसनीय स्रोतों से ली गई है लेकिन किस्त की सही तारीख सरकार द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद ही पक्की होगी। अधिक जानकारी के लिए pmkisan.gov.in पर विजिट करें या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।








