अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और अपना पक्का मकान बनाने का सपना देख रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत खुशी की है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) की नई लिस्ट 2025 जारी हो चुकी है और अब आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से अपना नाम चेक कर सकते हैं। दिसंबर 2025 में सरकार ने नया सर्वे पूरा किया है और लाखों नए परिवारों को इस सूची में जोड़ा गया है। अगर आपका नाम लिस्ट में है तो सरकार आपको मैदानी इलाके में ₹1.20 लाख और पहाड़ी इलाके में ₹1.30 लाख तक की आर्थिक मदद देगी। यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते में DBT के जरिए तीन-चार किस्तों में आएगा। साथ ही शौचालय बनाने के लिए अलग से ₹12,000 भी मिलेंगे। आइए जानते हैं कैसे चेक करें अपना नाम और क्या है पूरी प्रक्रिया।
PMAY-G 2025 में कितनी मिलती है राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में लाभार्थियों को उनके इलाके के हिसाब से अलग-अलग राशि मिलती है। मैदानी क्षेत्र (Plains Area) के लाभार्थियों को ₹1,20,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। पहाड़ी और कठिन क्षेत्रों (Hilly Areas) जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों में रहने वालों को ₹1,30,000 मिलते हैं। यह राशि तीन से चार किस्तों में सीधे बैंक खाते में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। पहली किस्त में फाउंडेशन के लिए, दूसरी में दीवारें खड़ी करने के लिए और तीसरी-चौथी किस्त छत और पूरा काम होने पर मिलती है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) के तहत शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹12,000 की सहायता भी दी जाती है। मनरेगा के तहत 90-95 दिन की मजदूरी भी मिलती है।
मोबाइल से लिस्ट कैसे चेक करें
PMAY-G की लिस्ट चेक करना बहुत आसान है। सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में pmayg.nic.in या pmayg.dord.gov.in वेबसाइट खोलें। होमपेज पर “Stakeholders” मेनू में जाएं और “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें। अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जहां आपको अपना Registration Number डालना होगा। अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता तो “Advanced Search” ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत और गांव का नाम सेलेक्ट करें। फिर अपना नाम, पिता का नाम या BPL Number डालें। Captcha Code भरकर “Search” बटन पर क्लिक करें। अगर आपका नाम लिस्ट में होगा तो आपका पूरा डिटेल दिख जाएगा जिसमें आपका नाम, पिता का नाम, स्वीकृत राशि और किस्तों की जानकारी होगी।
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राज्यवार लिस्ट कैसे देखें
अगर आप अपने पूरे गांव की लिस्ट देखना चाहते हैं तो pmayg.nic.in वेबसाइट पर “Stakeholders” में जाकर “MIS Reports” सेक्शन में क्लिक करें। यहां “H. Social Audit Reports” में जाकर “Beneficiary details for verification” ऑप्शन चुनें। अब अपना राज्य select करें – जैसे Uttar Pradesh, Bihar, Madhya Pradesh, Rajasthan, Maharashtra आदि। फिर District, Block, Panchayat और Village का नाम चुनें। Captcha Code भरकर Submit बटन दबाएं। आपके सामने आपके गांव के सभी लाभार्थियों की पूरी लिस्ट खुल जाएगी। इस लिस्ट में लाभार्थी का नाम, पिता/पति का नाम, स्वीकृत राशि, मकान का साइज और किस्तों की जानकारी होगी। आप चाहें तो इस लिस्ट का PDF Download या Print भी निकाल सकते हैं।
Gram Samvaad App से भी चेक करें
अगर आप वेबसाइट पर जाने में परेशानी महसूस कर रहे हैं तो “Gram Samvaad” मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह Google Play Store पर उपलब्ध है और सबसे ज्यादा रेटिंग वाला सरकारी ऐप है। Play Store से “Gram Samvaad” ऐप डाउनलोड करके इंस्टॉल करें। ऐप खोलने के बाद सबसे पहले अपनी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) सेलेक्ट करें। GPS की मदद से या मैन्युअली अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत select करें। अब मेनू में “PMAY-G” ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आप देख सकते हैं कि आपके क्षेत्र में कितने घर स्वीकृत हैं और किस-किस को मिला है। “Statistics” पर क्लिक करके पूरा डाटा देख सकते हैं। यह ऐप बहुत user-friendly है और हिंदी में भी available है।
किस्त की जानकारी कैसे चेक करें
अगर आपका नाम लिस्ट में आ गया है और आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी कौन सी किस्त आई है या अगली किस्त कब आएगी तो UMANG App का इस्तेमाल करें। UMANG App डाउनलोड करके अपना रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करें। “Services” सेक्शन में “Pradhan Mantri Awas Yojana – Gramin” सर्च करें। अब “Installment Details” पर क्लिक करें। अपना Registration Number या FTO Number डालें। आपके सामने सभी किस्तों की पूरी जानकारी आ जाएगी – कितनी राशि आई, कब आई और अगली किस्त कब release होगी। किस्त आने में देरी हो रही है तो अपने सरपंच या BDO ऑफिस से संपर्क करें। कई बार काम की प्रोग्रेस verification के बाद ही अगली किस्त जारी होती है।
कौन है इस योजना के लिए पात्र
PMAY-G के लिए पात्रता SECC-2011 (Socio Economic and Caste Census) डेटा और Awaas+ Survey 2025 के आधार पर तय की जाती है। बेघर परिवार या कच्चे/जीर्ण-शीर्ण घर में रहने वाले गरीब परिवार पात्र हैं। परिवार में किसी भी सदस्य के नाम पर पक्का मकान नहीं होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय गरीबी रेखा से नीचे होनी चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक, विकलांग व्यक्ति, विधवा महिला, दिव्यांग व्यक्ति, आर्मी के शहीदों के परिवार automatically शामिल होते हैं। परिवार में 16 से 59 साल का कोई वयस्क पुरुष नहीं होना चाहिए। भूमिहीन मजदूर और दिहाड़ी मजदूर परिवार भी पात्र हैं। सरकारी नौकरी करने वाले या इनकम टैक्स भरने वाले इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
2025 का नया सर्वे क्या है
जनवरी 2025 से मई 2025 तक सरकार ने Awaas+ Survey करवाया जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर उन परिवारों की जानकारी एकत्र की गई जो 2011 के SECC डेटा में छूट गए थे या नए बने थे। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य था कि 2027 तक हर ग्रामीण परिवार को पक्का घर मिल सके। सर्वेयर्स ने हर घर जाकर परिवार की आर्थिक स्थिति, मौजूदा आवास की स्थिति और अन्य जानकारी कलेक्ट की। जिन परिवारों का विवरण सफलतापूर्वक दर्ज हुआ, उनके नाम नई लाभार्थी सूची में जोड़ दिए गए हैं। अगर आपका नाम सर्वे में नहीं आया था या गलती से छूट गया तो अपने ग्राम पंचायत में complaint करें और नई सूची में नाम जुड़वाने के लिए application दें।
आवेदन कैसे करें PMAY-G के लिए
PMAY-G के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता है। यह योजना SECC-2011 डेटा और Awaas+ Survey के आधार पर चलती है। अगर आप पात्र हैं लेकिन आपका नाम लिस्ट में नहीं है तो सबसे पहले अपनी ग्राम पंचायत में जाएं। वहां प्रधान या सचिव से मिलकर अपनी स्थिति बताएं और आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज जमा करें – आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, BPL कार्ड (अगर है), जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए), और मौजूदा घर की फोटो। ग्राम पंचायत आपका आवेदन ब्लॉक लेवल पर भेजेगी। BDO (Block Development Officer) आपके आवेदन की जांच करेंगे और सर्वे टीम आपके घर आकर verification करेगी। सब कुछ सही होने पर आपका नाम अगली लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।
जरूरी दस्तावेज क्या-क्या चाहिए
PMAY-G के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जरूरी हैं। आधार कार्ड परिवार के मुखिया का (अनिवार्य) जो बैंक खाते से लिंक हो। राशन कार्ड या वोटर ID कार्ड निवास प्रमाण के लिए। बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल चेक जिसमें आधार लिंक हो। SECC-2011 में नाम होने का प्रमाण या BPL कार्ड। मौजूदा घर की स्थिति दिखाने के लिए फोटो – कच्चा या जीर्ण-शीर्ण घर दिखना चाहिए। जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)। आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार से बना हुआ)। मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो। पासपोर्ट साइज फोटो। अगर विधवा हैं तो पति का मृत्यु प्रमाण पत्र। अगर दिव्यांग हैं तो विकलांगता प्रमाण पत्र। सभी documents की फोटोकॉपी पंचायत में जमा करनी होती है।
मकान बनाने के नियम क्या हैं
PMAY-G के तहत मकान बनाने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। मकान का minimum area 25 square meter (269 sq ft) होना चाहिए। रसोई के लिए अलग से जगह होनी चाहिए। मकान में ventilation और रोशनी के लिए खिड़कियां होनी चाहिए। शौचालय मकान के अंदर या सटा हुआ होना चाहिए। मकान पक्की ईंट, सीमेंट, RCC या स्थानीय रूप से उपलब्ध टिकाऊ सामग्री से बनना चाहिए। फाउंडेशन मजबूत होनी चाहिए। छत पक्की होनी चाहिए – RCC, दाल-छत या टिन शीट की। मकान के चारों तरफ plinth level उठा हुआ होना चाहिए ताकि बारिश का पानी न भरे। मकान बनाने का काम तीन चरणों में होता है और हर चरण की government engineer द्वारा inspection होती है तभी अगली किस्त मिलती है।
किस्त न आने पर क्या करें
अगर आपका नाम लिस्ट में है लेकिन किस्त नहीं आ रही है तो सबसे पहले अपना बैंक अकाउंट चेक करें कि वह आधार से लिंक है या नहीं। अगर अकाउंट inactive है तो बैंक में जाकर activate करवाएं। फिर अपनी ग्राम पंचायत में जाकर सरपंच या सचिव से बात करें और स्टेटस जानें। कई बार technical विभाग की inspection pending होने से किस्त रुक जाती है। UMANG App या PMAY-G पोर्टल पर login करके Payment Status चेक करें। अगर वहां “Amount Released” लिखा है तो पैसा आपके खाते में आ चुका है। अगर “Pending for Approval” लिखा है तो थोड़ा इंतजार करें। अगर 30 दिन से ज्यादा delay हो रहा है तो Block Development Office (BDO) में जाकर शिकायत करें। Toll Free Number 1800-11-6446 पर भी कॉल करके complaint कर सकते हैं। District Rural Development Agency (DRDA) के office में भी जा सकते हैं।
PM Awas Urban vs Gramin में क्या फर्क है
PM Awas Yojana के दो भाग हैं – Urban (PMAY-U) और Gramin (PMAY-G)। PMAY-U शहरी क्षेत्रों के लिए है जो शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है। इसमें home loan पर subsidy मिलती है। PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है जो ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित है। इसमें सीधी वित्तीय सहायता मिलती है। PMAY-U की website pmaymis.gov.in है जबकि PMAY-G की pmayg.nic.in या pmayg.dord.gov.in है। Urban में Credit Linked Subsidy Scheme (CLSS) के तहत loan पर ब्याज सब्सिडी मिलती है। Gramin में construction के लिए direct fund transfer होता है। दोनों योजनाओं की पात्रता criteria अलग है। Urban में MIG (Middle Income Group) भी apply कर सकते हैं लेकिन Gramin सिर्फ EWS (Economically Weaker Section) और LIG (Low Income Group) के लिए है।
कब तक पूरी होगी यह योजना
PMAY-G का target 2027 तक हर पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का घर देना है। 2016 से लेकर अब तक लगभग 3 करोड़ से ज्यादा घर बनाए जा चुके हैं। सरकार का प्लान है कि 2027 तक और 2 करोड़ घर बनाए जाएं। Awaas+ Survey 2025 से नए पात्र परिवारों को शामिल किया गया है। बजट 2025-26 में भी PMAY-G के लिए बड़ा allocation किया गया है। हर राज्य को target दिया गया है कि वह 2027 तक अपने सभी ग्रामीण बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि “Housing for All” का सपना 2027 तक पूरा करना है। तेजी से काम हो रहा है और हर महीने लाखों परिवारों को घर मिल रहे हैं।
जरूरी बातें याद रखें
यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। सबसे सही और ताजा जानकारी के लिए pmayg.nic.in या pmayg.dord.gov.in वेबसाइट देखें या अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें। किसी भी agent या दलाल को पैसे न दें, यह योजना पूरी तरह मुफ्त है। अगर कोई पैसे की मांग करे तो तुरंत toll free number 1800-11-6446 पर complaint करें। अपना बैंक अकाउंट आधार से लिंक जरूर रखें वरना किस्त नहीं आएगी। मकान बनाते समय सरकारी नियमों का पालन करें वरना अगली किस्त रुक सकती है। हर चरण की inspection करवाएं। अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है तो निराश न हों, ग्राम पंचायत में आवेदन करें। नई लिस्ट हर साल update होती रहती है। धैर्य रखें और सही प्रक्रिया follow करें।








