Sovereign Gold Bond यानी SGB भारत सरकार की तरफ से RBI द्वारा जारी किए जाने वाले सरकारी बॉन्ड हैं। ये असली सोना खरीदने का एक बेहतरीन विकल्प हैं। इनमें सोना रखने की चिंता नहीं होती और हर साल 2.5% ब्याज भी मिलता है।
Sovereign Gold Bond 2026 के बारे में ताजा जानकारी यह है कि अभी तक RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कोई नया SGB जारी करने की घोषणा नहीं की है। इसके अलावा बजट 2026 में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि पूंजीगत लाभ यानी Capital Gains पर टैक्स छूट अब केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने SGB सीधे सरकारी निर्गम से खरीदा हो। इस आर्टिकल में पूरी जानकारी मिलेगी।
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Sovereign Gold Bond क्या है
भारत सरकार ने नवंबर 2015 में Gold Monetisation Scheme के तहत SGB शुरू किया था। इसमें निवेश सोने के ग्राम में होता है पर पैसा कागज पर रहता है। सोना रखने की जरूरत नहीं होती इसलिए चोरी और बनाने के खर्च जैसी कोई चिंता नहीं होती।
SGB की मुख्य जानकारी
ब्याज दर 2.5% सालाना है जो हर 6 महीने में दो बार खाते में आती है। SGB की अवधि 8 साल है लेकिन 5 साल बाद समय से पहले निकाल सकते हैं। कम से कम 1 ग्राम सोने का निवेश करना होता है। कोई भी व्यक्ति या HUF अधिकतम 4 किलो सोने तक निवेश कर सकता है। ट्रस्ट और विश्वविद्यालय 20 किलो तक निवेश कर सकते हैं। SGB को बैंक लोन के लिए गिरवी भी रखा जा सकता है।
बजट 2026 में बड़ा बदलाव
बजट 2026 में यह नियम बना दिया गया है कि पूंजीगत लाभ पर टैक्स छूट केवल उन्हें मिलेगी जिन्होंने SGB सीधे सरकारी निर्गम यानी Primary Issue से खरीदा हो और 8 साल तक रखा हो।
जो लोग शेयर बाजार यानी NSE या BSE से SGB खरीदते हैं उन्हें अब टैक्स छूट नहीं मिलेगी। उनके Capital Gains पर सामान्य नियमों के अनुसार टैक्स लगेगा। यह उन लोगों के लिए बड़ा बदलाव है जो Secondary Market से SGB खरीदते थे।
SGB में रिटर्न कैसे मिलता है
SGB पर दो तरह से कमाई होती है। पहली है हर साल 2.5% का तय ब्याज। दूसरी है सोने की कीमत बढ़ने से Capital Gains।
एक उदाहरण से समझें। मान लीजिए किसी ने ₹6,263 प्रति ग्राम पर SGB खरीदा। 8 साल बाद सोने की कीमत ₹12,500 प्रति ग्राम हो गई।
इस दौरान ब्याज से ₹1,252 मिले। सोने की कीमत बढ़ने से ₹6,237 का Capital Gain हुआ। कुल मिलाकर ₹7,489 प्रति ग्राम का फायदा। और अगर सीधे सरकारी निर्गम से खरीदा था तो Capital Gain पर कोई टैक्स नहीं।
SGB की पुरानी कीमतों का इतिहास
जून 2023 में जारी Series 1 की कीमत ₹5,926 प्रति ग्राम थी। सितंबर 2023 में Series 2 की कीमत ₹5,923 थी। दिसंबर 2023 में Series 3 की कीमत ₹6,199 थी। फरवरी 2025 में सबसे ताजा Series 4 की कीमत ₹6,263 थी। ऑनलाइन खरीदने पर ₹50 प्रति ग्राम की छूट मिलती थी।
SGB की परिपक्वता और समय से पहले निकासी
8 साल पूरे होने पर अंतिम मोचन मूल्य IBJA द्वारा 999 शुद्धता के सोने के पिछले 3 कारोबारी दिनों के औसत बंद भाव के आधार पर तय होता है।
SGB 2017-18 Series III का अंतिम मोचन 16 अक्टूबर को ₹12,567 प्रति यूनिट पर होगा। SGB 2017-18 Series IX का अंतिम मोचन 27 नवंबर को ₹12,484 प्रति यूनिट पर होगा।
5 साल बाद समय से पहले निकासी भी इसी तरह IBJA के 3 दिन के औसत भाव पर होती है।
SGB में कैसे खरीदें
Primary Market यानी नया निर्गम आने पर
नजदीकी डाकघर, SHCIL कार्यालय या मान्यता प्राप्त बैंक जाएं। निवेश विकल्पों में SGB चुनें। कितना खरीदना है और नामांकन विवरण भरें। नेट बैंकिंग, UPI या डेबिट कार्ड से भुगतान करें। SGB प्रमाणपत्र मिलेगा या Demat खाते में जमा होगा।
ऑनलाइन बैंक से खरीदने का तरीका
बैंक की नेट बैंकिंग में लॉगिन करें। e-Service में जाकर Sovereign Gold Bond विकल्प चुनें। नियम और शर्तें पढ़ें और आगे बढ़ें। नामांकन और कितना खरीदना है यह भरें। विवरण जांचें और भुगतान करें। बॉन्ड प्रमाणपत्र ईमेल या Demat खाते में आ जाएगा।
Secondary Market यानी शेयर बाजार से खरीदने पर
NSE या BSE पर SGB का नाम जैसे SGBSEP28 खोजें। बाजार भाव और उपलब्धता देखें। ब्रोकर के जरिए खरीद का ऑर्डर दें। ध्यान रहे कि यहाँ से खरीदने पर अब Capital Gains पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
SGB के लिए पात्रता
भारत में रहने वाले सभी नागरिक, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और धर्मार्थ संस्थाएं SGB खरीद सकते हैं। नाबालिग की तरफ से उनके अभिभावक निवेश कर सकते हैं। NRI नए SGB नहीं खरीद सकते लेकिन पहले से खरीदे हुए रख सकते हैं।
SGB पर टैक्स के नियम
2.5% का सालाना ब्याज “अन्य स्रोतों से आय” के रूप में आपके टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य है। ब्याज पर TDS नहीं कटता। Section 80C के तहत कोई छूट नहीं मिलती।
Capital Gains के लिए सीधे सरकारी निर्गम से खरीदकर 8 साल रखने पर टैक्स छूट मिलती है। Secondary Market से खरीदने पर अब कोई टैक्स छूट नहीं है। 2 साल से पहले बेचने पर अपने स्लैब दर से टैक्स लगता है। 2 साल बाद बेचने पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है।
Gold ETF बनाम SGB
SGB सरकार द्वारा समर्थित है जबकि Gold ETF बाजार आधारित फंड है। SGB में 2.5% ब्याज मिलता है पर Gold ETF में कोई ब्याज नहीं। SGB की अवधि 8 साल है पर Gold ETF में कोई तय अवधि नहीं। लंबे समय के निवेशकों के लिए SGB बेहतर है और जो जल्दी पैसा निकालना चाहते हैं उनके लिए Gold ETF बेहतर है।
SGB के फायदे और नुकसान
फायदे की बात करें तो सरकारी गारंटी होती है, 2.5% तय ब्याज मिलता है, सोना रखने की कोई चिंता नहीं होती, बैंक लोन में गिरवी रख सकते हैं और लंबे समय में असली सोने से ज्यादा फायदा मिल सकता है।
नुकसान की बात करें तो 8 साल का लंबा इंतजार करना होता है, बाजार में बिकवाली निर्भर करती है इसलिए तुरंत बेचना मुश्किल हो सकता है और Secondary Market से खरीदने पर अब Capital Gains छूट नहीं मिलती।


